ऐपेण्डिक्स
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क्र0
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विषय
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दवाये
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पृ0क्र0
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1-
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एपेण्डिक्स
सर्वोत्कष्ट
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आईरिस
टक्ट 3
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2-
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एपेण्डिक्स
की अवस्था में
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ब्राईयोनिया
200 एंव नेट्रम सल्फ 30
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ऐपेण्डिक्स
एपेण्डिक्स पेट में दाहिनी तरफ एक नली होती है
जो बडी ऑत से अन्तिम छोर से जुडी होती है इसका प्रयोग मानव शरीर में प्राय: नही
होता ,इसका उपयोग ऐसे जानवरों में होता है जो भोजन आदि को स्टॉक कर लेते है एंव जुगाली
करते हे । इस नलीका में प्रेशर या नलिका कमजोर होने की स्थिति में अधिक दबाओं आदि
के कारण भोजन आदि इसमें फॅस कर सडने लगता हो या फिर अधिक दवाब के कारण इसके फटने
का डर बना रहता है । यह हमारे शरीर का बेकार अंग है जिसका उपयोग नही है इसके कमजोर
होने या भोज्य पदार्थो के फॅस जाने से इसमें कई प्रकार के उदभेद उत्पन्न हो
जाते है । इससे पेट में दर्द होता है , यदि नलिका कमजोर हुई तो इसके फॅट जाने का
खतरा बढ जाता है यह स्थिति अत्याधिक खतरनाक होती है । ऐपिन्डस के र्ददों व रोग
स्थिति में निम्न दबाओं का प्रयोग किया जा सकता है ।
1- एपेण्डिक्स सर्वोत्कष्ट
आईरिस टक्ट 3 - एपेण्डिक्स
में आईरिस टक्ट 3 दवा को इस रोग की सर्वोत्कष्ट दबा है ।
2- एपेण्डिक्स की अवस्था में ब्राईयोनिया 200 एंव नेट्रम सल्फ 30 :- एपेण्डिक्स की अवस्था में ब्राईयोनिया 200
एंव नेट्रम सल्फ 30 की दवा का प्रयोग करने पर अच्छे परिणाम मिलते है । इससे र्दद
भी दूर हो जाता है एंव रोग ठीक होने लगता है ब्रायोनिया 200 की दबा की एक खुराक
प्रथम सप्ताह एं अगले सप्ताह एक खुराक 1 एम की देना चाहिये नेट्रम सल्फ 30 दबा
का प्रयोग दिन में तीन बार लम्बे समय तक करना चाहिये । उपरोक्त ब्रायोनियॉ की दो
मात्राये देने के बाद जब तक अगली दबा का प्रयोग न करे ऐसा करने पर यह देखे कि कब
तक र्दद या रोग का आक्रमण दुबारा नही होता यदि सप्ताह में हो तो दूसरी मात्रा 1
एम में देना चाहिये ।
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